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आइए हम आपको बताते हैं सीएम धामी के किन कामो से बौखला गया है विपक्ष और कुछ उनके अपने कुनबे के लोग.. और विरोधियों में क्यों मची हुई है हलचल..!


पहली ही कैबिनेट में कॉमन सिविल कोड बनाने की घोषणा की, जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित
जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया
देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाया, दस करोड़ जुर्माना, आजीवन कारावास के सख्त प्रावधान
उत्तराखंड की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण सुनिश्चित किया
गरीबों को साल में तीन फ्री रसोई गैस सिलेंडर की सुविधा
कानून व्यवस्था मजबूत करने को छह नए थाने और 20 चौकियों का गठन
पब्लिक स्कूलों की तरह चार हजार से ज्यादा स्कूलों में बाल वाटिकाएं
किसानों, बागवानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने को 500 सेब के बगीचे विकसित करने का फैसला
किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी 80 फीसदी तक की आर्थिक मदद

सैनिकों, पूर्व सैनिकों का सम्मान, तीन गुना तक बढ़ाई पुरस्कार राशि, रोडवेज की बसों में फ्री सफर
15 साल बाद दून -हरिद्वार हाइवे का काम कराया पूरा
एक दशक से फाइलों में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की तैयारी, देहरादून के साथ हरिद्वार ऋषिकेश के बीच पॉड टैक्सी को मंजूरी
दून ऋषिकेश के बीच एक हजार करोड़ की लागत से हाइवे चौड़ीकरण के काम को मंजूरी
हाइड्रो सेक्टर में बड़ी पहल के रूप में दशकों से लटके लखवाड़ प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की तैयारी, टेंडर प्रक्रिया पूरी
गन्ने की फसल को मैदान से निकाल कर चमोली, पिथौरागढ़ में शुरू करने का फैसला, पिथौरागढ़ से सफल शुरुवात
केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे को मिली मंजूरी, सुरकंडा देवी रोपवे का संचालन शुरू
पहाड़ में डॉक्टरों की कमी के संकट को दूर किया, पहाड़ों तक पहुंचाए स्पेशलिस्ट डॉक्टर
केंद्र सरकार से आरडीएसएस योजना के तहत 3600 करोड़ का बजट मंजूर कराया, घरों में लगेंगे 16 लाख नए स्मार्ट मीटर
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में शुरू कराया गया एमबीबीएस कोर्स, डॉक्टरों की पढ़ाई शुरू
रोजगार, स्वरोजगार बढ़ाने वाली योजना शुरू, 500 नए रोजगार देने को निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजना
पुष्कर राज में ही सलाखों के अंदर हुए नकल माफिया…
बहराल प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजनीती मे किसी की खींची लकीर को मिटाने की जगह.. एक नई लकीर खींचने का काम किया है.. जो उनकी लकीर से काफी लंबी हो चली है वह भी कम समय में .. इसलिए कुछ धामी के कुनबे के लोग.. और कुछ विपक्ष के.. मिलकर धामी को चक्रव्यूह में फसाने का पूरा जोर लगा रहे हैं… कि कैसे धामी को कुर्सी से हटाया जाए.. तभी तो.. जोशीमठ आपदा मे एक चुहा तक नहीं मारा गया… पर धामी की सरकार खलनायक बन गई …..
उत्तराखंड राज्य के इतिहास में पहली बार.. किसी मुख्यमंत्री ने नकल माफियाओं के खिलाफ जांच बिठाई.. और लगभग 60 से अधिक लोगों को सलाखों के अंदर भेजा.. पर धामी हीरो बनने की बजाय खलनायक बना दिए गए….. जबकि देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून धामी ही लेकर आए …
धामी के मुख्यमंत्री बनने से लेकर आज तक राज्य के जिस कोने में भी आपदा आई.. उस जगह पर धामी ने ग्राउंड जीरो पर पैदल पैदल जाकर.. हालतो का सिर्फ जायजा ही नहीं लिया बल्कि आला अफसरों को उचित दिशा निर्देश भी दिए और मुआवजा जल्द से जल्द दिलवाया पर धामी के कुनबे के लोगों ने ही यहां पर भी आपदा में अवसर को तलाशते हुए धामी को यहां भी फंसाने का प्रयास किया…
युवा मुख्यमंत्री धामी जी सावधान हो जाइए.. आपकी एक छोटी सी गलती पर भी बवंडर मचाने की फिराक में हे आपके तमाम राजनीतिक विरोधी… इसलिए मौका मत दीजिएगा …
