• Sat. Feb 21st, 2026

आज के बदलते परिवेश में तनाव अनेक रोगों का कारण बन रहा है। योग साधना से मस्तिष्क व शरीर तनाव मुक्त रहते हैं, मानव अशांति व रोगों से बच सकता है। योग संतुलित जीवन जीने की कला सिखाता है    

Byadmin

Jun 21, 2025
Share this

 

आज के बदलते परिवेश में तनाव अनेक रोगों का कारण बन रहा है। योग साधना से मस्तिष्क व शरीर तनाव मुक्त रहते हैं, मानव अशांति व रोगों से बच सकता है। योग संतुलित जीवन जीने की कला सिखाता है

 

श्री दरबार साहिब के सज्जादा गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों व देशवासियों को बधाई एवम हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नित्य की भांति श्री दरबार साहिब में प्रातः योगाभ्यास किया। इस अवसर पर श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी ने अपने संदेश में कहा कि योग हज़ारो साल पुरानी एक आध्यात्मिक और शारीरिक विद्या है। नियमित योगाभ्यास को न सिर्फ शरीर की मजबूती बल्कि मन की शांति के लिए भी अपनाया जाता है।
आज के बदलते परिवेश में तनाव अनेक रोगों का कारण बन रहा है। योग साधना से मस्तिष्क व शरीर तनाव मुक्त रहते हैं, मानव अशांति व रोगों से बच सकता है। योग संतुलित जीवन जीने की कला सिखाता है। योग से व्यक्ति के विचार सात्विक होते हैं। शास्त्रों में मानव के लिए रोग मुक्ति से लेकर आत्म शुद्धि व दीर्घायु जीवन के लिए योग साधना को सबसे सशक्त माध्यम बताया गया है।
योग केवल शारीरिक ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है। योग व्यक्ति के शरीर मन और आत्मा को नियंत्रित करने में सहायता करता है। यह शारीरिक और मानसिक अनुशासन को एक साथ लाता है।

 

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय देश विदेश में योग की अलख जगा रहा है। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय अध्यक्ष श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के आशीर्वाद, प्रेरणा व मार्गदर्शन से श्री गुरू राम राय विश्वविद्यालय, के स्कूल ऑफ योगिक साइंसेस एंड नेचुरोपैथी के छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के योग मैदान पर योगासन लगाए और आमजनमानस के बीच योग की महत्वता की अलख जगाई।
काबिलेगौर है कि विश्वविद्यालय के छात्र सुमित ग्वाडी ने एशियाई खेल में गोल्ड मेडल जीतकर विश्वविद्यालय व उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया। दूसरे छात्र उत्तम अग्रहरी ने कई राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विश्वविद्यालय की छात्रा साक्षी ने कर्नाटक में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड के लिए गोल्ड मैडल जीता। इसके अतिरिक्त कई अन्य छात्र-छात्राएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं। यही कारण है कि देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी छात्र-छात्राएं श्री गुरू राम राय विश्वविद्यालय देहरादून के स्कूल ऑफ योगिक साइंसेज एंड नेचुरोपैथी में प्रवेश ले रहे हैं। यहां का हरा-भरा, विशाल, शांत व प्राकृतिक वातावरण-अध्ययन, अध्यापन, शोध, अनुसंधान, योग साधना व आध्यात्मिक उन्नति के लिए सर्वश्रेठ है। योगिक साईंस में सभी फैकल्टी योग्य, विद्वान, समर्पित व अनुशासित हैं। उत्कृष्ट आधारभूत संरचना, योग्य फैकल्टी, सर्वांगीण विकास व परिसर के शांत वातावरण के कारण बहुत ही कम समय में श्री गुरू राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ योगिक साइंसेज एंड नेचुरोपैथी, देश के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में गिना जाने लगा है। लोकप्रियता के परिणामस्वरूप छात्र-छात्राओं में एडमिशन के लिए होड व मारा-मारी रहती है। डीन डॉ० कंचन जोशी ने बीओजी एवं बीओएम (बोर्ड आफ मैनेजमेंट) से सीट वृद्धि हेतु आवेदन किया है। ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रवेश व अध्ययन का अवसर मिल सके

Share this

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed