• Sat. Feb 21st, 2026
Share this

पौड़ी में पहले किया डॉक्टरों पर जानलेवा हमला फिर डॉक्टरों को अस्पताल में ही जान से मारने की दे डाली धमकी ( तब जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बुधवार को आधे दिन का किया कार्य बहिष्कार )

 

जिला अस्पताल पौड़ी के डॉक्टरों पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बुधवार को आधे दिन का कार्य बहिष्कार किया

वही डॉक्टरों ने काले फीते बांधकर विरोध जताया
पर मरीजों के लिए इमजरेंसी सेवाएं संचालित रहीं

आपको बता दे कि अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व डॉक्टरों ने जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम पत्र लिखकर आरोपियों की गिरफतारी की मांग की है।
आपको बता दे कि आरोपियों द्वारा रात में जिला अस्पताल आकर डॉक्टरों को अस्पताल में ही जान से मारने की धमकी व अस्पताल को बंद कराने की धमकी के बाद डॉक्टरों मे भय का माहौल है।

डॉक्टरों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
पौड़ी कोतवाली में डॉक्टरों की शिकायत के बाद अभियोग पंजीकृत हो चुका है इसके बावजूद आरोपियों के हौंसले बुलंद हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रषांत जैन ने जानकारी दी कि 28 फरवरी 2022 की रात कैलाश पीजी हॉस्टल के स्वामी गुंजन नेगी पुत्र मनवर सिंह नेगी, अंजलि नेगी, गुंजन नेगी के भाई मोंटी नेगी निवासी विकास मार्ग पौड़ी व 6-7 अन्य अज्ञात लोगों द्वारा डॉॅ राहुल सैनी व जिला अस्पताल पौड़ी के अन्य डॉक्टरों पर रॉड व धारधार हथियार से हमला किया गया।
गुंजन नेगी विकास मार्ग रोड पर कैलाश पीजी के नाम से हॉस्टल संचालित करता है। पौड़ी अस्पताल में कार्यरत स्थानीय निवासियों ने जानकारी दी कि गुंजन नेगी के भाई मोंटी नेगी का पौड़ी बाजार में होटल मानसरोवर है। मोंटी नेगी पूर्व में भी मारपीट व गुंडागर्दी के मामलों में संलिप्त रहा है।

 

वही डॉ राहुल के सिर पर गम्भीर चोटें आई हैं। जिला अस्पताल की शिकायत पर कोतवाली पौड़ी में अभियोग पंजीकृत किया गया। उपरोक्त घटनाक्रम के बाद देर रात आरोपियों के दोबारा जिला अस्पताल में आने व डॉक्टरों को धमकाने से डॉक्टरों में डर व भय का माहौल है। गुंजन नेगी, अंजलि नेगी व गुंजन नेगी व भाई मौंटी नेगी ने डॉक्टरों को दोबारा हमले की धमकी दी है इसके चलते डॉॅक्टरों ने बुधवार को कार्य बहिष्कार किया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रषांत जैन, डॉ सौरभ जुनेजा, डॉ श्रीषांक, डॉ माणिक, डॉ अभिनव व अस्पताल मैनेजर प्रमोद चौहान ने जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय जाकर सम्बन्धित अधिकारियो को दोबारा लिखित शिकायत देकर मामले पर हस्तक्षेप की मांग की है।

Share this

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed