• Thu. May 14th, 2026

जिस घटना पर उठा था बड़ा तूफान, जांच में निकली साजिश, नाबालिग दुष्कर्म केस में नया खुलासा,पुलिस ने कहा- तथ्य और आरोप मेल नहीं खाते

Byadmin

May 7, 2026
Share this

 

 

जिस घटना पर उठा था बड़ा तूफान, जांच में निकली साजिश, नाबालिग दुष्कर्म केस में नया खुलासा,पुलिस ने कहा- तथ्य और आरोप मेल नहीं खाते

 

 

चंपावत: उत्तराखंड के चंपावत में 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप के सनसनीखेज मामले ने नया मोड़ ले लिया है. मामले में चंपावत एसपी रेखा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा करते गैंगरेप की घटना से इनकार किया है. साथ ही जांच में शामिल सीएमओ ने भी नाबालिग के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि से इनकार किया है. पुलिस ने पूरे मामले को साजिश के तहत अंजाम देना करार दिया है. साजिश का मास्टरमाइंड कमल रावत को बताया है.

 

चंपावत में चर्चित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में मामला सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रहा है. बदले की भावना से नाबालिग को बहला-फुसलाकर पूरा घटनाक्रम रचा गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित कर जांच की गई, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कई अहम तथ्य सामने आए.

 

 

चंपावत पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, 6 मई 2026 को नाबालिग के पिता द्वारा कोतवाली चंपावत में तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि, उसकी 16 वर्षीय बेटी के साथ तीन लोगों ने दुष्कर्म किया. शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चंपावत के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी चंपावत की निगरानी में 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया.

 

 

एसपी ने बताया कि, खुद घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पीड़िता और स्थानीय लोगों से बातचीत की गई. साथ ही आरएफएसएल (Regional Forensic Science Laboratory) उधम सिंह नगर की टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए. पीड़िता का मेडिकल परीक्षण, सीडब्ल्यूसी के समक्ष काउंसिलिंग और न्यायालय में बयान भी दर्ज कराए गए.

 

 

जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सबूत मिले. जांच में सामने आया कि पीड़िता घटना वाले दिन अपनी इच्छा से एक गांव में आयोजित विवाह समारोह में अपने दोस्त के साथ गई थी. सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर के माध्यम से उसके विभिन्न स्थानों पर आने-जाने की पुष्टि हुई. साथ ही पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में किसी प्रकार की बाहरी या अंदरूनी चोट और जबरदस्ती के स्पष्ट संकेत नहीं मिले.

 

 

एसपी ने बताया कि, जांच में मिले सबूत और शिकायत पर भिन्नता पाए जाने पर पुलिस द्वारा विश्लेषण किया गया. जिस पर सामने आया कि पूरे मामले को साजिश के तहत पुलिस के सामने लाया गया. इसके बाद पीड़िता से फिर से पूछताछ की गई तो पीड़िता द्वारा कबूल किया गया कि दुष्कर्म की घटना को अंजाम नहीं दिया गया. पीड़िता ने कबूल किया कि पूरी साजिश कमल रावत, उसकी महिला मित्र व अन्य लोगों द्वारा रची गई थी.

 

एसपी ने बताया कि, कमल रावत पूर्व के एक प्रकरण में आरोपी रहा है और साजिश में फंसाए गए लोगों ने उसके खिलाफ पैरवी की थी. ऐसे में कमल रावत ने बदले की भावना से तीनों को फंसाने के लिए साजिश रची और नाबालिग पीड़िता को यूज किया. इसके लिए कमल रावत ने पीड़िता के दोस्त की शादी समारोह वाले दिन को वारदात को अंजाम देने के लिए चुना.

 

 

इसी क्रम में 5 मई को पीड़िता अपने पुरुष दोस्त के साथ अपनी सहेली की शादी समारोह में शामिल होने के लिए गई. साजिश के तहत योजना थी कि पीड़िता के पुरुष दोस्त के घर जाएंगे और वारदात को अंजाम देंगे. लेकिन पीड़िता का पुरुष दोस्त पहले ही घटना स्थल से चला गया था. लेकिन कमल रावत ने योजना को अंजाम देने के लिए पीड़िता के पुरुष दोस्त के किसी परिचित का घर चुना. इसके बाद उन्होंने पूरी घटना को अंजाम दिया गया. इस तरह पूरे मामले को सत्य घटना को दर्शाने की कोशिश की गई. जबकि पुलिस द्वारा जांच में सामने आया कि तहरीर में नामजद तीनों आरोपियों की घटना स्थल पर होने की पुष्टि नहीं हुई है.

 

 

फिलहाल डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच जारी है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस अधीक्षक चंपावत ने कहा कि, महिला और बाल अपराधों के मामलों में उत्तराखंड पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर कार्य करती है. साथ ही झूठे और भ्रामक आरोपों को भी गंभीरता से लिया जाएगा और तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

Share this

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed