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रफ्तार पकड़ रही शीतकालीन चारधाम यात्रा, श्रद्धालुओं का उमडने लगा है सैलाब

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Dec 5, 2025
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रफ्तार पकड़ रही शीतकालीन चारधाम यात्रा, श्रद्धालुओं का उमडने लगा है सैलाब

 

उत्तराखंड चारधाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के बाद अब शीतकालीन यात्रा संचालित हो रही है. इसके साथ ही धामी सरकार, राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन हब के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती, वेडिंग टूरिज्म और साहसिक खेलों का जिक्र किया था. इसके बाद धामी सरकार ने इन सेक्टर को मजबूत बनाने की कार्य योजना तैयार करनी भी शुरू कर दी है. सरकार का मानना है कि ये सभी आयोजन उत्तराखंड में टूरिज्म को प्रमोट करेंगे.

वही उत्तराखंड शीतकालीन यात्रा शुरू होने के बाद से लगातार श्रद्धालु
शीतकालीन चार धाम यात्रा पर आ रहे है मुख्यमंत्री धामी जी के दिशा निर्देश पर ओंकारेश्वर मंदिर में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने हेतु भव्य आयोजन हुआ
मुख्यमंत्री धामी जी के निर्देश पर शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करने और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इन्हीं प्रयासों की कड़ी में ओंकारेश्वर मंदिर में भव्य आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय जनता से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, ऊखीमठ से ओंकारेश्वर मंदिर तक आकर्षक और पारंपरिक कलश यात्रा निकाली गई
महिला मंगल दल, युवा मंगल दल और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही पूरे मार्ग में ढोल-दमाऊ की धुनें और “हर-हर महादेव” के जयकारे वातावरण को भक्तिमय बनाते रहे।
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण और जिलाधिकारी प्रतीक जैन यात्रा में पैदल शामिल हुए और मंदिर पहुँचकर सभी ने भगवान ओंकारेश्वर की पूजा-अर्चना कर शीतकालीन यात्रा के सफल संचालन की कामना की

जिलाधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह खासा बढ़ा है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आ रहे हैं।
प्रशासन ने यात्रा के सुचारू संचालन के लिए यात्रा मार्ग, पेयजल, बिजली, पार्किंग, सफाई और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाएँ सुदृढ़ की हैं।
शीतकालीन यात्रा से पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलता है

वही विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि इस बार भी पिछले वर्ष से अधिक श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे।
वही मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग के अनुसार ओंकारेश्वर मंदिर पंचकेदार की शीतकालीन गद्दीस्थली है, और यहाँ दर्शन का फल केदारनाथ दर्शन के समान माना जाता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से शीतकालीन यात्रा में अधिक संख्या में पहुँचकर पुण्य अर्जित करने की अपील की.

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