• Sat. Feb 21st, 2026

प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने कहा– माँ का दूध न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक विकास में सहायक, बच्चों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है; इससे मातृत्व और बचपन दोनों की रक्षा होती है।

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प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने कहा– माँ का दूध न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक विकास में सहायक, बच्चों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है; इससे मातृत्व और बचपन दोनों की रक्षा होती है।

 

 

आज दून मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के बाळरोग विभाग मे विश्वा स्तनपान साप्तह मनाया गया।

मुख्य अतिथि प्रचार्य डॉ गीता जैन ने बताया कि स्तनपान माँ और बच्चे दोनों के लिए प्रकृति का एक अनमोल उपहार है। माँ का दूध शिशु के लिए सिर्फ भोजन ही नही बल्कि सम्पूर्ण आहार और सुरक्षा कवच भी है। चिकिसा अधीक्षक डॉ आर. यस. बिष्ट ने बताया कि माँ के दूध मे शिशु के विकाश के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वा, प्रोटीन, फेट, विटामिन और carbohydrate सही मात्रा मे मौजूद होते हैं। डॉ अशोक कुमार विभाग अध्यक्ष बाल रोग ने बताया कि माँ के दूध मे एंटीबॉडी होती हैं जो शिशु को निमोनिया, दस्त, कान के संक्रमण और अन्य कही बीमारियों से बचाती है इसे शिशु का पहला टीका भी कहा जाता है

माँ का दूध शिशु के पेट के लिए सबसे हल्का और सुपाच्य होता है स्थानपान करने वाले बच्चों का बौद्धिक और भवात्मक विकाश बेहतर होता है इसमें मौजूद फैटी एसिड बच्चे के मस्तिष्क के विकाश मे मदद करते हैं

कार्यक्रम का संचालन निधि काला द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे नर्सिंग के छात्रों द्वारा स्थानपान के फायदे पर सुन्दर नाटक का मंचन किया गया। ककर्यक्रम मे बाळरोज के डॉ गौरव माखीजा, डॉ तन्वी, डॉ आयशा, dr banita, dr pooja ,डॉ आस्था,cpro महेंद्र भंडारी,प्रतिभा पंवार, जसवंत रावत आदि मौजूद रहें

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By admin

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