• Sat. Feb 21st, 2026
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सावधान  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  अभिमन्यु मत बनना….  चक्रव्यूह की रचना हो चुकी है…

 

 

 

धामी  की बढ़ती लोकप्रियता के ग्राफ से घबराए धामी के ही कुनबे के नेता

 

मैं बनूंगा मुख्यमंत्री  वालों ने फिर शुरू किया धामी  के खिलाफ    षड्यंत्रओ का खेल..

 

 

देहरादून से दिल्ली तक धामी के खिलाफ खोला  गुप्त तरीके से मोर्चा …

 

 

धामी के  राजनीतिक विरोधियों ने मिलाया विपक्ष के नेताओं के साथ हाथ ….

 

22 साल के उत्तराखंड में आपने कपड़ों की तरह इस राज्य में मुख्यमंत्रीयों को बदलते हुए देखा होगा..  अधिक से अधिक महत्वकांक्षी  राजनेताओं की वजह से  अपने  गठन के बाद से ही  राज्य को अनेकों राजनीतिक चुनौतियों और राजनीतिक उठापटक का सामना करना पड़ा है..

इसका खामियाजा जहां राज्य के विकास ने भुगता  वही  इस राजनीतिक उठापटक के खेल ने  उत्तराखंड के लोगों के मन में पूरी  तरह से निराशा का वातावरण पैदा भी किया

 

और उत्तराखंड में  लगे इस काले ग्रहण  को दूर करने के लिए उत्तराखंड की जनता ने फिर से डबल इजन की सरकार बनाई ..

पर धामी  षड्यंत्र के चलते खटीमा से चुनाव हार गए ..

 

तब पूरे प्रदेश में एक ही आवाज उठने लगी    कि धामी   ही चाहिए …

 

और प्रदेश की जनता की आवाज को समझते भाजपा हाईकमान ने फिर से पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया… और चंपावत में हुए उपचुनाव  की प्रचंड से प्रचंड   जीत ने साबित कर दिया कि  किस कदर  धामी  को उत्तराखंड पसंद करता है..

 

बस यह बात भी धामी के कुनबे के ही राजनेताओं को नहीं भाई .. उन्होंने फिर से   साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाते हुए धामी  के खिलाफ षडयंत्र का मोर्चा खोल दिया है..

 

पुष्कर सिंह धामी सशक्त  है ,  कठिन से कठिन और हर स्थिति में  फैसले लेने की क्षमता उनके पास है

प्रदेश का सर्वांगीण विकास ही उनकी  नीति है..

सुना जा रहा है की आज भी धामी  की राह में कांटें बिछाने का काम उनकी पार्टी के ही कुछ स्वनामधन्य नेता विपक्ष के साथ मिलकर  अपना खेल खेल रहे  हैं!

 

धामी ने जब से भ्रष्टाचार के खिलाफ /  अनियमिताओं के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ा है तब से  भाजपा  हो या विपक्ष  के  ही कुछ वरिष्ठ नेताओं के  पेट में दर्द बढ़ गया है..

 

जिसकी वजह है कि  सीएम धामी की लोकप्रियता का ग्राफ़ लगातार तेजी से बढ़ रहा है। बेहद कम समय में, उन्होंने ये प्रमाणित किया है कि आखिर उत्तराखंड में क्यों  प्रधानमंत्री मोदी ने बहुतेरे वरिष्ठ नेताओं को छोड़कर युवा धामी पर भरोसा किया। धामी अनेक बार स्पष्ट कर चुके हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके कदम ना थकेंगे और ना वे अपने अभियान को अब थामेंगे ,चाहे भ्रष्टाचारी का कद और पद कितना ही बड़ा  क्यों ना हो हो।

बस अब देखना यह है कि  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनों के बनाए हुए चक्रव्यूह  में  फसते  हुए  चले जाएंगे   या फिर इस षड्यंत्र से बाहर निकल  पाएंगे …..

 

क्योंकि हमारे सूत्र तो यही कह रहे हैं कि  मुख्यमंत्री बनने की चाहत रखने वालों ने साम दाम दंड भेद की नीति को प्राथमिकता देते हुए  हर हाल में धामी  को कुर्सी  से हटाने के लिए   अपना खेल आरंभ कर दिया है ..

लिहाजा  सावधान मुख्य मंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  अभिमन्यु मत बनना….

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By admin

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