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भर्ती घोटाला : गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, सीएम धामी ने कहा- विधानसभा भर्तियों की होगी जांच
यूकेएसएसएसी का स्नातक स्तर की परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में एसटीएफ ने एक और आरोपित को हल्द्वानी से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपित ने लखनऊ की आरएमएस टेक्नो साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से पेपर प्राप्त कर नैनीताल स्थित डिंगता रिजार्ट धनाचूली बैंड में 35 अभ्यर्थियों को नकल करवाई। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि विधानसभा में हुई भर्तियों की जांच होगी।
एसटीएफ आरोपित के बारे में और जानकारी हासिल कर रही है। एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपितों व कुछ अभ्यर्थियों से पूछताछ के आधार पर पेपर लीक मामले में तल्ली बमोरी हल्द्वानी निवासी शशिकांत को शनिवार को हल्द्वानी से गिरफ्तार किया गया।
आरोपित उत्तर प्रदेश के चंदौली का रहने वाला है, जबकि मौजूदा समय में वह हल्द्वानी में रहता है। उन्होंने बताया कि आरोपित ने जिन अभ्यर्थियों को नकल करवाई थी। जो अभ्यर्थी परीक्षा से एक दिन पहले रिजार्ट में गए थे, एसटीएफ ने उनकी भी पहचान कर ली है।
पूछताछ करने पर जानकारी मिली है कि यहां पहुंचे अभ्यर्थियों की संख्या 60 तक पहुंच सकती है। जांच में यह भी यह भी सामने आया है कि डिंगता धनाचुली बैंड के निकट ही एक अन्य रिजार्ट अल्पाइन है, वहां भी कुछ अभ्यर्थियों को नकल करवाने के लिए ले जाया गया। रिजार्ट में गए सभी अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।
आरोपित ने नैनीताल के डिंगता रिजॉर्ट धनाचूली बैंड में 35 अभ्यर्थियों को पेपर याद करवाया था, जिन्हें एसटीएफ ने चिन्हित कर लिया है। शशिकांत के उत्तराखंड के हल्द्वानी, अल्मोड़ा, चम्पावत, पिथौरागढ़ में चार ऑनलाइन परीक्षा केंद्र हैं।
इन परीक्षा केंद्रों पर वह अब तक 40 से अधिक परीक्षाएं हो चुकी हैं। इन परीक्षाओं में भी गड़बड़ी होने की आशंका है। क्योंकि आरोपित लंबे समय से परीक्षाओं में नकल करवाने में विवादित रहा है। ऐसे में पुलिस उसके परीक्षा केंद्रों की भी जांच कर सकती है।
2013 में आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) परीक्षा में नकल कराने पर आरोपित शशिकांत को हल्द्वानी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि पेपर से पूर्व नकल करवाने संबंधी पुलिस को सूचना मिली थी।
पुलिस ने पेपर शुरू होने से पहले ही आरोपित को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया था। नकल करवाने के बदले में आरोपित ने एक-एक अभ्यर्थी से पांच-पांच लाख रुपये लिए थे। पुलिस ने उसके घर से लाखों रुपये भी बरामद किए गए थे।
वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में आ रही गड़बड़ी की शिकायतों पर मीडिया से अनोपचारिक वार्ता करते हुए कहा कि यह बहुत ही गंभीर विषय है तथा हमारे प्रदेश के सभी नौजवानों के रोजगार से जुड़ा मामला है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में जहां भी गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त हो रही है वहां हमने सख्त जांच के आदेश दे दिये हैं। कुछ मामले एसटीएफ को दिये गये हैं एवं कुछ पर विजिलेंस को नियुक्त किया गया है। सभी मामलों पर कार्यवाही चल रही है जिसका परिणाम आप सभी के सामने आ भी रहा है कि अभी तक कुल 27 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों में किसी को भी नही बख्शा जायेगा, चाहे किसी के हाथ कितने भी लम्बे क्यों न हो कानून द्वारा अपना काम किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे हम आगे के लिये भी एक नजीर बनाना चाहते हैं जिससे इस घटना की पुनरावृति न हो क्योंकि हमें अपने बेटे-बेटियों के आज और कल की चिंता है, उनके वर्तमान एवं भविष्य का सवाल है। हमें प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं का ऐसा सिस्टम बनाना होगा कि आगे भविष्य में कोई इस तरह का कृत्य करने की सोच भी न सके। लगातार जांचे चल रही है जिसके परिणाम धीरे-धीरे आप सभी के समक्ष आते जा रहे हैं।
विधानसभा में नियुक्तियों में गड़बड़ी की आ रही शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा एक संवैधानिक संस्था है, और हम विधानसभा अध्यक्षा से अनुरोध करेंगे कि विधानसभा में जितनी भी भर्तिया हुई है जिनमें शिकायत आ रही है, वो नियुक्ति चाहे किसी भी कालखण्ड की हो उनमें निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्षा द्वारा जांच कि विषय में राज्य सरकार से जो भी सहयोग मांगा जायेगा वह दिया जायेगा।
